Friday, 13 July 2012

Narayan Murty ji ki aatmakatha.

#7.2 मैं एक साधारण इंसान हूं: नारायण मूर्ति

नारायण मूर्ति
मैं एक साधारण इंसान हूं: नारायण मूर्ति  और भी... 

इंफोसिस के चेयरमैन एन आर नारायण मूर्ति ने कंपनी के शेयरधारकों की वार्षिक सभा में अपना आखिरी भाषण दिया और अपने को एक सामान्य आदमी बताया.
वर्षों तक देश की इस दूसरी सबसे बड़ी साफ्वेयर सेवा निर्यातक कंपनी का नेतृत्व करने वाले मूर्ति ने अब अवकाश ले लिया है. उन्होंने कहा कि वह ‘बहुत से मामलों में औसत से कम योग्यता के’ एक साधारण इंसान है. मूर्ति ने कहा कि उनके जैसे व्यक्ति की सफलता से उन सामान्य लोगों को उत्साहित होना चाहिए जो दुनिया में कुछ कर दिखाना चाहते हैं.
इंफोसिस के संस्थापक सदस्य और मुख्य संरक्षक नारायण मूर्ति ने कहा कि अपनी पारी समाप्त करते हुए मैं देश और दुनिया में के लिए जो कुछ भी कर सका उसके लिए भगवान, परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों का शुक्रगुजार हूं. मेरे जैसा औसत से कम गुणों वाला व्यक्ति यह सब उनकी मदद से ही कर सका. देश में साफ्टवेयर उद्योग की पहचान नारायण मूर्ति ने कंपनी की 30वीं सालाना साधारण बैठक में कहा कि मेरी जीवन गाथा किसी भी सामान्य इंसान को प्ररित कर सकती है, जो देश और दुनिया में कुछ अलग करने की चाह रखता हो. उन्होंने कहा कि इंफोसिस की यात्रा उनके जीवन का अनिवार्य हिस्सा है.
मूर्ति ने कहा कि मेरे सहयोगी कहते हैं कि वह और इन्फोसि एक दूसरे के अभिन्न अंग हैं. कंपनी के हर प्रमुख निर्णयों में मैं अब तक प्रथम पात्र रहा हूं. मैंने इसकी हर उपलब्धि का आनंद उठाया है और कंपनी के किसी भी गलत कदम पर सहानुभूति भी देता रहा हूं.

नारायण मूर्ति ग्लोबल स्तर पर भी उद्यमिता की अनुपम मूरत

दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति को भी आज के जमाने के 12 महानतम उद्यमियों में शुमार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'फॉच्र्यून' द्वारा जारी इस सूची में पहला स्थान जानी-मानी कंपनी एप्पल के दिवंगत प्रमुख स्टीव जॉब्स को दिया गया है।
इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स तथा फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग भी शामिल हैं।

इन सभी उद्यमियों की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि वे 'कांसेप्ट को कंपनी में तब्दील करने' तथा 'बिजनेस के स्वरूप को बदल देने' में कामयाब रहे हैं। इस अमेरिकी प्रकाशन ने कहा है कि इन्फोसिस के दूरदर्शी संस्थापक नारायण मूर्ति ने भारत की इस दिग्गज कंपनी को दुनिया के नक्शे पर ला खड़ा किया। 65 वर्षीय नारायण मूर्ति ने यह साबित कर दिया कि भारत भी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के कार्य में महारथ हासिल कर ग्लोबल स्तर पर मुकाबला कर सकता है जहां अब तक पश्चिमी देशों का ही प्रभुत्व रहा है।

फॉच्र्यून ने कहा कि इन्फोसिस के छह संस्थापकों में से एक और 21 वर्षों तक इसके सीईओ रहने वाले नारायण मूर्ति ने उस आउटसोर्सिंग क्रांति का बिगुल बजाने में मदद की जिससे  भारतीय अर्थव्यवस्था में अरबों डॉलर की संपत्ति आई तथा इसके साथ ही भारज दुनिया के बैक ऑफिस में तब्दील हो गया।

फॉच्र्यून ने उनके ही सबक का उदाहरण देते हुए कहा है कि जीरो से शुरुआत करने वाली किसी कंपनी को निश्चित रूप से चिरस्थायी वैल्यू सिस्टम वाले लोगों की एक टीम के साथ जुड़कर काम करना चाहिए। नारायण मूर्ति को 12 लोगों की इस फेहरिस्त में 10वां स्थान हासिल हुआ है। फॉच्र्यून ने मूर्ति को उद्धृत करते हुए कहा है कि आज बलिदान देने का वक्त है, फल की प्राप्ति तो कल होगी।

इस फेहरिस्त में सबसे ऊपर स्टीव जॉब्स का नाम है जिन्हें फॉच्र्यून हमारी पीढ़ी का सबसे प्रखर उद्यमी मानती है। फॉच्र्यून ने उन्हें विजनरी, प्रेरक, ब्रिलियंट, बेहद सक्रिय जैसे विशेषणों से नवाजा है।

फॉच्र्यून ने कहा कि जॉब्स के बारे में सबसे आश्चर्यजनक तथ्य उनका यह विचार है कि मार्केट रिसर्च तथा फोकस ग्रुप्स ने इनोवेट करने की किसी व्यक्ति की क्षमता को केवल सीमित ही किया है, उसे विस्तारित नहीं किया। फॉच्र्यून ने कहा कि यह मानना शायद गलत नहीं होगा कि अगर जॉब्स ने कंज्यूमर रिसर्च पर बहुत अधिक भरोसा किया होता तो एप्पल का कोई भी बहुचर्चित प्रॉडक्ट मसलन आईपॉड, आईट्यून्स, आईफोन एवं आईपैड सामने नहीं आया होता।

इस फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर बिल गेट्स है जो फॉच्र्यून के अनुसार ऐसे असाधारण उद्यमियों में से एक हैं जिन्हें अपने जीवन काल में दो बार दुनिया को बदलने का मौका मिला है। एक बार उन्होंने पर्सनल कंप्यूटर का आविष्कार कर एक क्रांति लाने में मदद की तथा अब वह दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी के रूप में ग्लोबल हेल्थ और पब्लिक एजुकेशन की चुनौतियों से जूझने में लगे हुए हैं।

फॉच्र्यून की फेहरिस्त में बांग्लादेश के अर्थशास्त्री एवं ग्रामीण बैंक के संस्थापक मुहम्मद युनूस का भी नाम शामिल है जिन्होंने अपनी संस्था के जरिये माइक्रोक्रेडिट के कांसेप्ट की शुरुआत की तथा उसे फैलाया। फॉच्र्यून ने कहा कि इस सूची में वैसे लोगों के नाम शामिल हैं जिनके पास दुनिया को बदलने की दृष्टि है।

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